अगर रूस पर एटमी हमला होगा तो पूतिन कैसे बचेंगे?

8 फ़रवरी 2017 ईगर रोज़िन
अगर एटमी युद्ध शुरू होता है तो रूस पर जवाबी हमला कैसे किया जाए, आजकल अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियाँ इस सवाल का जवाब खोज रही हैं। इस खोज के दौरान उन बंकरों की खोज करने की ओर बहुत ध्यान दिया जा रहा है, जहाँ रूस के सैन्य अधिकारी रूस के सर्वोच्च नेताओं को छिपाकर उन्हें एटमी हमले से बचाएँगे।
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पिछली सदी के नौवें दशक में अमरीका ने रूस को एटमी हमले से बेहद सुरक्षित देश बताया था। स्रोत :Vladimir Pesnya/RIA Novosti

पिछली सदी के नौवें दशक में अमरीका का यह मानना था कि सोवियत संघ दुनिया को अकेला ऐसा देश है, जो एटमी हमले को भी कुशलतापूर्वक झेल सकता है। अब 2017 में अमरीकी अधिकारी फिर से यह जानना चाहते हैं कि रूस एटमी हमले से अपना कितना बचाव कर सकता है। 

रूसी समाचार समिति ’रिया नोवस्ती’ ने ख़बर दी है कि अमरीकी संसद ने अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों और अमरीकी सेना की सामरिक कमान को यह ज़िम्मेदारी सौंपी है कि वे इस बारे में जानकारी इकट्ठी करें कि रूस में ऐसे बंकर और भूमिगत संचार प्रणालियाँ कहाँ-कहाँ बनी हुई हैं, जो राजनीतिक और सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

रूसी मीडिया ने यह भी पता लगाया है कि रूसी परमाणु सुरक्षा से जुड़ी कौन-कौनसी गुप्त जानकारियाँ अमरीका को मालूम हो चुकी हैं और इस स्थिति में अगर जवाबी एटमी हमला होता है तो रूसी सैन्याधिकारी किस तरह से रूस के  राजनेताओं की सुरक्षा करेंगे। 

पूतिन का बंकर 

रूसी रक्षा मन्त्रालय के चौथे केन्द्रीय अनुसन्धान संस्थान के पूर्व प्रमुख मेजर-जनरल व्लदीमिर द्वोरकिन ने समाचारपत्र ’गज़्येता डॉट रू’ से बातचीत करते हुए बताया — अमरीकी सेना की सामरिक कमान और अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों को बहुत पहले से ही यह जानकारी है कि रूस में राजनेताओं के लिए कुछ ऐसे कमान-केन्द्र बने हुए हैं, जो हर तरह के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा सैन्याधिकारियों के लिए बहुत से रिजर्व सम्पर्क चैनल भी तैयार हैं। इसके अलावा रूस की थल सेना और रणनीतिक नौसेना के एक बड़े हिस्से को सुरक्षित रखने की एक व्यवस्था भी रूस ने बना रखी है।  

किसी बड़ी महाशक्ति द्वारा रूस पर किए जाने वाले संभावित परमाणु हमले की स्थिति में रूस को बचाए रखने की रूस द्वारा बनाई गई एक अन्य सुरक्षा प्रणाली के बारे में भी अमरीकी सैन्याधिकारी अच्छी तरह से जानते हैं। रूसी समाचारपत्र ’वज़्ग्ल्याद’ (नज़रिया) से इस सिलसिले में चर्चा करते हुए रूस की भूराजनैतिक समस्या अकादमी के अध्यक्ष कर्नल-जनरल लिअनीद इवशोफ़ ने कहा — सोवियत सत्ताकाल में जब अमरीका की तरफ़ से सोवियत संघ पर एटमी हमले का खतरा बहुत बढ़ गया था, तो हमने ’परिधि’ नामक एक सुरक्षा व्यवस्था बनाई थी (जिसे पश्चिमी देशों में ’मृत हाथ’ के नाम से जाना जाता है)। इस व्यवस्था के अनुसार, हमने ऐसे दोहरे कमान-केन्द्र तैयार कर रखे थे, जो देश के सर्वोच्च नेतृत्व की मृत्यु हो जाने की हालत में भी हमारे मिसाइलों को प्रक्षेपण का आदेश देने में सक्षम थे।   

रूस में सभी गुप्त बंकर और विशेष रूप से बनाए गए कमान-केन्द्र एफ़एसबी (फ़ेडरल सिक्योरिटी ब्यूरो) और रूस के राष्ट्रपति के अन्तर्गत काम करने वाले एक विशेष निदेशालय के अन्तर्गत आते हैं। इन बंकरों और केन्द्रों के बारे में सार्वजनिक तौर पर लोगों को बहुत कम जानकारी है। हालाँकि मीडिया में कभी-कभी केजीबी के अभिलेखागार से इस तरह की जानकारी रिसकर बाहर आ जाती है, जिसमें गुप्त बंकरों और गुप्त कमान-केन्द्रों की चर्चा की जाती है। 

जैसे समाचारपत्र ’वज़्ग्ल्याद’ (नज़रिया) ने जानकारी दी है कि मस्क्वा (मास्को) शहर के रामिन्की इलाके में मस्क्वा विश्वविद्यालय और उदलत्सोवा मार्ग के बीच एक भूमिगत शहर बना हुआ है, जिसमें 15 हज़ार लोग रह सकते हैं। और मगनितगोर्स्क नगर से 60 किलोमीटर दूर अब्ज़ाकवा नामक पहाड़ी आरामगाह के पास यमन्ताउ पहाड़ के नीचे रूस के राष्ट्रपति के लिए एक भूमिगत निवास और रूसी उच्चाधिकारियों के लिए कालोनी बनी हुई है।   

समाचारपत्र ’गज़्येता डॉट रू’ ने लिखा है कि उराल पर्वतमाला के पश्चिमी इलाके में यमन्ताउ पर्वतमाला के पास शीत-युद्ध के ज़माने में बनाई गई ’मिझगोर्ये’ नामक जनता के लिए पूरी तरह से बन्द एक बस्ती को अक्सर मीडिया में ’पूतिन के बंकर’ के नाम से याद किया जाता है।  

तिहरा नियन्त्रण

कर्नल-जनरल लिअनीद इवशोफ़ ने बताया कि पिछली सदी के नौवें दशक में अमरीका ने रूस को एटमी हमले से बेहद सुरक्षित देश बताया था। सोवियत सत्ताकाल में सर्वोच्च सोवियत राजनेताओं की सुरक्षा के लिए बंकर बने हुए थे। उसके बाद आधुनिक रूस में भी राष्ट्रपति बरीस येल्तसिन के सत्ताकाल में सोवियत एटमी सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करके उसे आधुनिक बनाने का काम किया जा रहा था, जो पूतिन के सत्ता में आने के बाद भी जारी था। समाचारपत्र ’वज़्ग्ल्याद’ को लिअनीद इवशोफ़ ने बताया — पूतिन के सत्ता में आने के बाद इन सभी बंकरों और कमान-केन्द्रों को इस लायक बना दिया गया है कि उनमें कम से कम तीन महीने तक सुरक्षित रहकर काम किया जा सकता है।  

रूस के रणनीतिक शोध संस्थान के सैन्य नीति व अर्थव्यवस्था विभाग के प्रमुख इवान कनवालफ़ ने समाचारपत्र ’वज़्ग्ल्याद’ से कहा — आज रूस का सर्वोच्च नेतृत्व पूरी तरह से सुरक्षित है और इसका कारण सिर्फ़ बंकर व्यवस्था ही नहीं है।

समाचारपत्र ’वज़्ग्ल्याद’ से इस बारे में चर्चा करते हुए पूर्व रूसी वायुसेना उपप्रमुख लेफ़्टिनेण्ट-जनरल अन्द्रेय बिजेफ़ ने कहा — आजकल मिसाइलरोधी अन्तरिक्ष सुरक्षा व्यवस्था बनी हुई है, जो किसी भी मिसाइल हमले की पूर्व जानकारी दे देती है। विपक्षी देशों की रणनीतिक परमाणविक सेनाओं द्वारा की गई कोई छोटी से छोटी कार्रवाई भी, यहाँ तक कि कोई परीक्षण भी, कोई छोटी से छोटी गतिविधि भी रूस की अन्तरिक्ष और वायुसेना की नज़र से बच नहीं पाती। हम तिहरा नियन्त्रण रखते हैं। हमें अपने क्षैतिज राडारों से मिसाइल हमले की पूर्व चेतावनी मिल सकती है। इसके अलावा अन्तरिक्ष में तैनात हमारे उपग्रह भी विपक्षी देशों की रणनीतिक परमाणविक सेनाओं की हर गतिविधि पर पूरी-पूरी नज़र रखते हैं।

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