रूस एयरो इण्डिया 2017 में अत्याधुनिक सैन्य तकनीक प्रदर्शित कर रहा है

रूस बेंगलुरु के इस एयर-शो और प्रदर्शनी में 300 से भी ज़्यादा रक्षा तकनीकें और विभिन्न सुरक्षा उत्पाद प्रस्तुत करेगा। रोसतेख़ कम्पनी के मुख्य कार्यकारी प्रबन्धक सिर्गेय चेमिज़फ़ का कहना है कि रूस भारत के मेक इन इण्डिया कार्यक्रम में व्यापक रूप से भाग लेने के लिए तैयार है।
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एयरो इण्डिया 2017 नामक यह विमानन प्रदर्शनी भारत के लिए और क्षेत्रीय विमानन बाज़ार के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। स्रोत :AP

रूसी राजकीय निगम रोसतेख़ ने प्रेस के लिए जारी एक विज्ञप्ति में बताया है कि बेंगलुरु में होने जा रही एयरो इण्डिया 2017 प्रदर्शनी में रोसतेख़ कम्पनी अधुनातन विमान प्रौद्योगिकी, वायु रक्षा तकनीक और रेडियो इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीक पेश कर रही है। यह प्रदर्शनी 14 से 19 फ़रवरी तक होगी और रूस इसमें अपने विभिन्न रक्षा उत्पादों के 300 से ज़्यादा नए नमूने प्रदर्शित करेगा।

इस प्रदर्शनी में रूसी मण्डप 900 वर्गमीटर के इलाके में फैला होगा। और उसमें विर्ताल्योति रस्सी, क्रेत, तेख़्नोदिनामिका, यूइसी, श्वाबे और तेख़माश जैसी विश्व-प्रसिद्ध रूसी कम्पनियों के साथ-साथ रोसतेख़ और रोस-अबारोन-एक्सपोर्त जैसी रूसी कम्पनियों के स्टॉल बने हुए होंगे। रोस-अबारोन-एक्सपोर्त रूस की वह सरकारी कम्पनी है जो विदेशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात करती है।

रूसी राजकीय निगम रोसतेख़ के मुख्य कार्यकारी प्रबन्धक सिर्गेय चेमिज़फ़ ने कहा कि एयरो इण्डिया 2017 नामक यह विमानन प्रदर्शनी भारत के लिए और क्षेत्रीय विमानन बाज़ार के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। भारत पिछले अनेक बरसों से रोसतेख़ कम्पनी का रणनीतिक सहयोगी बना हुआ है।  

उन्होंने कहा कि रूस पहले से ही केए-226टी हैलिकॉप्टरों के उत्पादन के लिए भारत में एक सँयुक्त कम्पनी बना रहा है, जो मेक इन इण्डिया कार्यक्रम के अन्तर्गत भारत में रूसी हैलिकॉप्टरों का उत्पादन करेगी। चेमिज़फ़ ने कहा — अब हम इस परियोजना पर अमल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसके साथ-साथ हम इस कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग का व्यापक रूप से विकास करने की भी कोशिश कर रहे हैं। हमारे आपसी सहयोग के ये क्षेत्र होंगे — पारम्परिक सैन्य-तकनीकी क्षेत्र और इलेक्ट्रॉनिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और मिश्रित सामग्री जैसे ग़ैर सैन्य क्षेत्र। 

रोसतेख़ कम्पनी बेंगलुरु की इस प्रदर्शनी में एसयू 35 लड़ाकू जेट विमान,  मिग-35 जैसे सीमा पर आकाशीय युद्ध करने वाले विमान, इल 76एमडी-90ए जैसे परिवहन विमान, बीई-200 जैसे जल-थल-आकाशी विमान, केए-226टी जैसे हलके हेलिकॉप्टर, एमआई 17वी-5 और एमआई 26टी2 जैसे सैन्य परिवहन हेलिकॉप्टरों के साथ-साथ एमआई-28एनई और केए-52 जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रदर्शित कर रही है।

इस एयर शो और प्रदर्शनी में आने वाले दर्शक एस-400  त्रिऊम्फ़ हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली, पन्तसीर एस 1 प्रणाली, टोर एम2केएम प्रणाली और इग्ला-एस नामक हलकी और पोर्टेबल हवाई सुरक्षा प्रणाली देख सकेंगे।

एमआई-38 और अनसात हैलिकॉप्टर 

रस्सीस्किए विर्ताल्योति कम्पनी बेंगलुरु में अपने एमआई-38 बहुउद्देशीय हैलिकॉप्टर का नवीनतम यात्री-मॉडल भी पेश कर रही है।  

एमआई-38 दुनिया में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले नागरिक हैलिकॉप्टरों में से एक है। अपने वर्ग के दूसरे हैलिकॉप्टरों के मुक़ाबले यह हैलिकॉप्टर कहीं अधिक सक्षम और सुविधाजनक है। इस हैलिकॉप्टर में दूसरे हैलिकॉप्टरों से ज़्यादा यात्री बैठ सकते हैं और यह उनके मुक़ाबले ज़्यादा वज़न ढो सकता है। इस हैलिकॉप्टर की बुनियादी उड़ान विशेषताएँ भी इसी वर्ग के दूसरे हैलिकॉप्टरों के मुक़ाबले कहीं बेहतर हैं। 

एमआई-38 हैलिकॉप्टर का इस्तेमाल किसी भी तरह की जलवायु में किया जा सकता है। चाहे मौसम ठण्डा हो, या भारत की तरह जलवायु उष्णकटिबन्धीय हो या समुद्री इलाका हो, कहीं भी इस हैलिकॉप्टर का बड़ी सहजता और आसानी से इस्तेमाल हो सकता है। 

इसके अलावा रस्सीस्किए विर्ताल्योति कम्पनी  ने बेंगलुरु में अपने हलके बहुउद्देशीय हैलिकॉप्टर को भी प्रस्तुत किया है। रूसी वायुसेना आजकल इस हैलिकॉप्टर का परीक्षण के तौर पर उपयोग कर रही है।

रूस की वायुसेना के पास अनसात-यू क़िस्म के 40 हैलिकॉप्टर हैं।

बेंगलुरु में हो रही एयरो इण्डिया 2017 नामक इस ग्यारहवीं प्रदर्शनी और एयर-शो में कुल 549 कम्पनियाँ भाग ले रही हैं, जिनमें से 279 विदेशी कम्पनियाँ हैं। यह प्रदर्शनी और एयर-शो 27 हज़ार 678 वर्गमीटर के इलाके में आयोजित किए गए हैं।

 

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