दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्यातक देश T-50_hindi MIG-35 RBTH Army_export_hindi Mosturism Unesco_hindi
पाँचवी पीढ़ी का रूसी लड़ाकू विमान टी-50

दुनिया के पाँच सबसे बड़े हथियार निर्यातक देश

ये देश किन-किन देशों को कौन-कौन से हथियार बेचते हैं?
  निकलाय लितोफ़किन

स्टॉकहोम के विश्व समस्या शोध संस्थान (स्विसशोस) ने जानकारी दी है कि पिछले पाँच सालों में दुनिया में सामान्य हथियारों के निर्यात में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

हथियार निर्यात बाज़ार के बहुत बड़े हिस्से पर अमरीका और रूस का कब्ज़ा है। दुनिया के आधे से ज़्यादा हथियार रूस और अमरीका ही बेचते हैं। अमरीका ने 33 प्रतिशत बाज़ार पर कब्ज़ा कर रखा है और रूस ने 23 प्रतिशत बाज़ार पर।

दुनिया में हथियारों का निर्यात करने वाला तीसरा बड़ा देश चीन है, जिसका हिस्सा हथियारों के निर्यात के बाज़ार में सन् 2012 में 3.8 प्रतिशत से बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गया।

फ़्राँस (6 प्रतिशत) और जर्मनी (5.6 प्रतिशत) दो और हथियारों का निर्यात करने वाले दुनिया के बड़े देश माने जाते हैं।

इन देशों के सबसे बड़े हथियार निर्यात अनुबन्ध

स्टॉकहोम के विश्व समस्या शोध संस्थान (स्विसशोस) की वेबसाइट पर प्रकाशित दस्तावेज़ों के अनुसार अमरीका दुनिया के 100 से ज़्यादा देशों को हथियारों का निर्यात करता है और रूस सिर्फ़ 50 देशों को।

आम तौर पर पश्चिमी एशिया के देश अमरीकी हथियार ख़रीदते हैं। ये देश हैं — सऊदी अरब, इज़रायल, सँयुक्त अरब अमीरात और तुर्की।

अमरीका आम तौर पर पश्चिमी एशिया को इन हथियारों का निर्यात करता है :

  • हमलावर हैलिकॉप्टर एएन-64ई अपाचे और एच-60एम ब्लैकहॉक और कमाण्डोवाहक हैलिकॉप्टर सीएच-47एफ़ चिनूक; 
  • लड़ाकू विमानों एफ़-35, एफ़-18, एफ़-15एस और एफ़-16 के विभिन्न मॉडल; 
  • टैंक एम1ए1; 
  • मिसाइल टीओडब्ल्यू2ए और अन्य मिसाइल 

जबकि रूसी हथियार ख़रीदने वाले प्रमुख देश एशियाई प्रशान्त महासागरीय इलाके में बसे हुए हैं। रूस अपने 70 प्रतिशत हथियारों का निर्यात भारत, चीन, वियतनाम और अल्जीरिया को करता है। 

आम तौर पर रूस अपने इन हथियारों का निर्यात करता है :

  • बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान एसयू-30, मिग-29 और एसयू-35;
  • प्रशिक्षु-लड़ाकू विमान याक-130;
  • लड़ाकू हैलिकॉप्टर केए-52 और एमआई-28 तथा परिवहन हैलिकॉप्टर एमआई-17;
  • टैंक टी-90 के विभिन्न मॉडल;
  • वायु सुरक्षा प्रणालियाँ, तोपें और तटवर्ती युद्धपोत नाशक हथियार;
  • परियोजना 636 की पनडुब्बियाँ;
  • गोला-बारूद और हलके हथियार

 
चीन अपने हथियारों का निर्यात अपने ही इलाके में बसे देशों को करता है। चीन आम तौर पर पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्याँमार को अधिकतर हथियार बेचता है। इन देशों के अलावा अल्जीरिया जैसे उत्तरी अफ़्रीका के देश भी चीन से हथियारों की ख़रीद के बड़े-बड़े अनुबन्ध करते हैं।

आम तौर पर चीन अपने इन हथियारों का निर्यात करता है :

  • कोर्वेट युद्धपोत एलपीसी-1 और फ़्रिगेट युद्धपोत एस-28ए;
  • टैंक एमबीटी-2000;
  • लड़ाकू विमान जेएफ़-17 थण्डर / एफ़सी-1;
  • रॉकेट तोपें और अन्य तोप प्रणालियाँ

स्टॉकहोम के विश्व समस्या शोध संस्थान (स्विसशोस) के अनुसार, पिछले पाँच साल में फ़्राँस को मिले अनुबन्धों के आधार पर विश्व हथियार निर्यात बाज़ार में फ़्राँस की हिस्सेदारी बढ़ सकती है। फ़्राँस से हथियार ख़रीदने वाले प्रमुख देश हैं — मिस्र, सँयुक्त अरब अमीरात और भारत।

आम तौर पर फ़्राँस अपने इन हथियारों का निर्यात करता है :

  • लड़ाकू विमान मिराज और रफ़ाल तथा उनमें तैनात किए जाने वाले हथियार;
  • ’मिस्त्राल’ क़िस्म के हैलिकॉप्टरवाहक युद्धपोत;
  • हैलोस उपग्रह-2

विश्लेषक एजेंसियों के अनुसार, 2016 में हथियारों का जर्मनी द्वारा किया जाने वाला निर्यात बढ़ गया है। लेकिन इसके बावजूद 2007 से 2011 के मुक़ाबले पिछले सालों में जर्मनी के कुल निर्यात में एक तिहाई गिरावट आई है। अल्जीरिया, दक्षिणी कोरिया और कतर जर्मनी से हथियार ख़रीदने वाले बड़े ख़रीददार हैं।

आम तौर पर जर्मनी अपने इन हथियारों का निर्यात करता है :

  • बख़्तरबन्द गाड़ियाँ टीपीज़ेड-1 फ़ुच्स;
  • टैंक लियोपार्ड-2ए6;
  • डीजल इंजन;
  • स्वचालित तोप प्रणालियाँ
22 मार्च 2017
Tags: रक्षा, हथियार

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