शंघाई सहयोग संगठन की गतिविधियों से क्षेत्रीय सुरक्षा मज़बूत

हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (शंसस) की प्रधानमन्त्री परिषद की बैठक हुई।
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रूस के प्रधानमन्त्री दिमित्री मिदवेदफ़। स्रोत :AP

शंघाई सहयोग संगठन (शंसस) की प्रधानमन्त्री-परिषद की बैठक में बोलते हुए रूस के प्रधानमन्त्री दिमित्री मिदवेदफ़ ने कहा — शंसस की सक्रिय गतिविधियों की वजह से क्षेत्रीय सुरक्षा काफ़ी मज़बूत हो गई है।

दिमित्री मिदवेदफ़ ने कहा — शंघाई सहयोग संगठन (शंसस) पिछले 15 साल से काम कर रहा है। शंसस के सदस्यों ने यह बीड़ा उठाया था कि वे क्षेत्रीय सुरक्षा और विश्वास को मज़बूत बनाएँगे। अगर हम सिर्फ़ इस एक ही उद्देश्य की बात करें तो आज हम कह सकते हैं कि हमने यह लक्ष्य पा लिया है। शंसस के सदस्य देशों के बीच इस दिशा में पारस्परिक सहयोग काफ़ी बेहतर हो गया है।

अपने सम्बोधन में रूस के प्रधानमन्त्री दिमित्री मिदवेदफ़ ने इस ओर ध्यान दिलाया कि सुरक्षा को मज़बूत बनाने, अपराधों पर काबू पाने, मादक-पदार्थों की तस्करी को रोकने और आर्थिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए शंसस के सदस्य देशों ने एक-दूसरे के कन्धे से कन्धा मिलाकर लगातार बड़ा काम किया है। 

उन्होंने कहा कि शंसस के सदस्य देशों में परिवहन की विशाल क्षमता है, जिसका भरपूर इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। रूस के प्रधानमन्त्री दिमित्री मिदवेदफ़ ने कहा — रूस इसके लिए तैयार है कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रकों के द्वारा मालों की ढुलाई के समझौते पर सक्रिय रूप से अमल किया जाए।

इसके अलावा रूस के प्रधानमन्त्री दिमित्री मिदवेदफ़ ने कहा कि नए अन्तरराष्ट्रीय परिवहन मार्गों पर भी चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के सामने आज खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा की समस्याएँ भी मुँह बाए खड़ी हैं। इन समस्याओं का समाधान भी हमें ढूँढ़ना होगा।

उन्होंने ज़ोर दिया कि भारत और पाकिस्तान के शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने से शंघाई सहयोग संगठन का राजनीतिक और आर्थिक रुतबा काफ़ी बढ़ गया है।

पहली बार रिया नोवोस्ती में प्रकाशित।

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