जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय में नैनो तक्नोलौजी केन्द्र का उद्घाटन

प्रसिद्ध जापानी भौतिकशास्त्री शूमिओ इजीमा और रूसी वैज्ञानिक व्लदीमिर शूर ने इस केन्द्र का उद्घाटन किया।
Tomsk State University of Control Systems and Radioelectronics
स्रोत :Yevgeny Kurskov/TASS

उराल संघीय विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क विभाग द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार, दिल्ली के जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय में अभिनव तक्नोलौजी केन्द्र शुरू हो गया। इस नैनो तक्नोलौजी केन्द्र का उद्घाटन उराल संघीय विश्वविद्यालय के ’आधुनिक नैनो तक्नोलौजी’ समूह के निदेशक व्लदीमिर शूर और जापान के प्रोफ़ेसर शूमिओ इजीमा ने किया।

उराल संघीय विश्वविद्यालय द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज में बताया गया है कि नई दिल्ली के जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय में अभिनव विज्ञान और अभिनव प्रौद्योगिकी केन्द्र शुरू हो गया है। प्रसिद्ध जापानी भौतिकशास्त्री शूमिओ इजीमा और रूसी वैज्ञानिक व्लदीमिर शूर ने इस केन्द्र का उद्घाटन किया। शूमिओ इजीमा को दुनिया तेल व गैस पाइपलाइनों के निर्माण के लिए नई क़िस्म के अभिनव पाइपों के निर्माता और आविष्कारक के रूप में जानती है। इस नए अभिनव प्रौद्योगिकी केन्द्र में अभिनव उपकरणों, अभिनव सामग्रियों और अभिनव पदार्थों से जुड़े अनुसन्धान और आधारभूत व अनुप्रयुक्त विज्ञान से जुड़े शोध कार्य किए जाएँगे।

व्लदीमिर शूर ने बताया कि इस केन्द्र में भारतीय और चीनी वैज्ञानिक मिलकर अनुसन्धान करेंगे। इन अनुसन्धानों का सारा कार्यक्रम बना लिया गया है। इन अनुसन्धानों के लिए ब्रिक्स का अनुदान पाने के लिए चीन के शिज़्न विश्वविद्यालय और जामिया विश्वविद्यालय ने मिलकर अपना प्रस्ताव भेजा है।

ब्रिक्स के साथ सहयोग

रूस के उराल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक विभिन्न दिशाओं में ब्रिक्स देशों के वैज्ञानिकों के साथ सहयोग कर रहे हैं। विगत सितम्बर में उराल संघीय विश्वविद्यालय में ब्रिक्स देशों के खगोल वैज्ञानिकों की एक बैठक हुई थी, जिसमें यह तय किया गया था कि हर साल खगोल अनुसन्धान पर एक सँयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नए अनुसन्धानों, नए आविष्कारों और नई प्रौद्योगिकी से जुड़े सवालों पर बातचीत की जाएगी तथा खगोल विज्ञान के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहयोग के विकास से जुड़े रास्तों की खोज की जाएगी।

इसके अलावा विगत 7 अप्रैल से उराल संघीय विश्वविद्यालय में ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी का मुख्यालय भी काम कर रहा है। इस यूनिवर्सिटी में उच्च रूप से शिक्षित और प्रशिक्षित नई पीढ़ी के ऐसे विद्वानों को तैयार किया जाएगा, जो सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को हल करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए नई तरह के फ़ैसले लेकर उन्हें नए ढंग से लागू करने में सक्षम होंगे।

पहली बार तास में प्रकाशित।

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