रूस पाक-चीन आर्थिक गलियारे के निर्माण में भाग नहीं लेगा

रूस ने पाकिस्तानी अख़बारों में छपी इस तरह की ख़बरों का खण्डन किया है कि रूस और पाकिस्तान के बीच पाक-चीन आर्थिक गलियारे के निर्माण में रूस की सहभागिता के बारे में गुप्त रूप से वार्ता हो रही है।
Russia's Foreign Ministry. Source: AFP / East News
रूस का विदेश मन्त्रालय। स्रोत : AFP / East News

रूस के विदेश मन्त्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान के मीडिया में पाक-चीन आर्थिक गलियारे के निर्माण में रूस की सहभागिता के सिलसिले में ’गुप्त वार्ताएँ’ होने के बारे में जो ख़बरें छपी हैं, वे ठीक नहीं हैं। 

रूस के विदेश मन्त्रालय ने इस तरह की कोई जानकारी होने से इंकार किया है कि पाक-चीन आर्थिक गलियारे के निर्माण में रूस के शामिल होने के बारे में रूस और पाकिस्तान के बीच किसी तरह की कोई बातचीत हुई है। 

मंगलवार, 29 नवम्बर को रूस के विदेश मन्त्रालय के प्रवक्ता ने इस बात का ज़ोरदार ढंग से खण्डन किया और कहा कि ’गुप्त वार्ता’ के बारे में पाकिस्तानी मीडिया में छपी रिपोर्टें झूठी हैं। 

रूस के विदेश मन्त्रालय के वक्तव्य में कहा गया है कि पाकिस्तान के अख़बारों में इस तरह की जो ख़बरें छपी हैं कि पाकिस्तान और चीन के बीच बनाए जा रहे आर्थिक गलियारे के निर्माण में रूस की सहभागिता के बारे में पाकिस्तान और रूस के बीच गुप्त रूप से बातचीत हो रही है, ये सभी ख़बरें पूरी तरह से झूठी और अवास्तविक हैं। मस्क्वा ने इस्लामाबाद के साथ इस तरह की बातचीत में भाग लेने की कोई इच्छा भी व्यक्त नहीं की है।

रूस के विदेश मन्त्रालय के वक्तव्य में कहा गया है — पाकिस्तान के साथ हमारा व्यापारिक और आर्थिक सहयोग अपने स्तर पर महत्वपूर्ण है। हम इस सहयोग को आगे और मज़बूत बनाना चाहते हैं। पाकिस्तान में रूसी कम्पनियों की व्यावसायिक परियोजनाओं पर अमल और कराची से लाहौर तक जाने वाली उत्तर-दक्षिण गैस पाइपलाइन का निर्माण दोनों देशों के पारस्परिक सहयोग के माध्यम से ही सम्भव है। 

पाकिस्तानी अख़बारों के हवाले से भारतीय मीडिया ने इस तरह की ख़बरें प्रकाशित की हैं, जिनमें यह बताया गया है कि रूस और पाकिस्तान के बीच गुप्त वार्ताएँ हो रही हैं। इससे भारत की सरकार में भ्रम पैदा हो रहा है क्योंकि भारत सरकार पाक-चीन आर्थिक गलियारे का विरोध कर रही है। भारत सरकार का कहना है कि यह गलियारा भारतीय राज्य कश्मीर के उस भूभाग से होकर गुज़र रहा है, जिसपर पाकिस्तान ने कब्ज़ा कर रखा है।

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