भारत और रूस ने अन्तरराष्ट्रीय आतंकवाद पर बातचीत की

1 फ़रवरी को दिल्ली में भारत और रूस ने अन्तरराष्ट्रीय आतंक का सामना करने के लिए आपसी सहयोग के सवाल पर विचार विमर्श किया।

रूस के विदेश मन्त्रालय ने जानकारी दी है कि 1 फ़रवरी को दिल्ली में भारत और रूस ने अन्तरराष्ट्रीय आतंक का सामना करने के लिए आपसी सहयोग के सवाल पर विचार विमर्श किया।

नई दिल्ली में हुई बैठक में  भाग लेने वाले रूस और भारत के प्रतिनिधिमण्डलों का नेतृत्व रूस के विदेश उपमंत्री अलेग सिरमोलतफ़ और भारत के विदेश मन्त्रालय की सचिव (पूर्व) प्रीति सरन ने किया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अन्तरराष्ट्रीय आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष करने, आतंक को रोकने और उसके वित्तीय स्रोतों को बन्द करने से जुड़े सवालों पर बातचीत की। आतंकवादी गिरोहों इस्लामी राज्य (इरा) और अल-कायदा के विरुद्ध संघर्ष पर विशेष ध्यान दिया गया। 

इसके अलावा, रूस और भारत ने दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में आतंकवाद के बढ़ते हुए खतरों पर भी विचार-विमर्श किया। अफ़ग़ानिस्तान, दक्षिण एशिया, मध्य एशिया और पश्चिमी एशिया की स्थिति की ओर विशेष ध्यान दिया  गया। भारत के विदेश मन्त्रालय के अनुसार, दोनों देशें ने इस बात पर चिन्ता व्यक्त की कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान का  इलाका अन्तरराष्ट्रीय आतंक का केन्द्र बन गया है।

दो देशों के आतंकवाद विरोधी कामकाजी दल ने इस बात की पुष्टि की कि अन्तरराष्ट्रीय आतंक के विरुद्ध रूस और भारत के बीच सहयोग जारी रहेगा। दोनों  देश आपसी द्विपक्षीय सहयोग का विकास करते हुए सँयुक्त राष्ट्र संघ, ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन और काले धन के विरुद्ध वित्तीय कार्रवाई बल में भी सहयोग करते रहेंगे।

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