रूस ने तालिबान का समर्थन करने की बात से इनकार किया

मस्क्वा (मास्को) ने कहा कि नाटो के नेतृत्व वाली पश्चिमी सेना रूस पर इस तरह के आरोप लगाकर अपनी कार्रवाइयों की तरफ़ से दुनिया का ध्यान हटाना चाहती है।
Taliban
14 नवम्बर 2003 को रूस के सर्वोच्च न्यायालय ने अफ़ग़ान तालिबान को आतंकवादी संगठनों की काली सूची में डाल दिया था। स्रोत :AP

13 मार्च को जारी एक प्रेस वक्तव्य में रूस के विदेश मन्त्रालय ने इस तरह के आरोपों को खारिज कर दिया है कि रूस अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान का समर्थन कर रहा है।  

अफ़ग़ानिस्तान में तैनात विदेशी सैन्य-बलों के प्रतिनिधियों ने रूस पर यह आरोप लगाया था कि वह तालिबान को धन दे रहा है, उसे हथियारों की सप्लाई कर रहा है और अफ़ग़ानिस्तान की धरती पर तालिबान लड़ाकों के लिए प्रशिक्षण-शिविरों की स्थापना करने में तालिबान की सहायता कर रहा है।

अफ़ग़ानिस्तान स्थित नाटो के नेतृत्व वाली पश्चिमी सेना के इन आरोपों को रूस के विदेश मन्त्रालय ने रूस को बदनाम करने की साज़िश बताया है और कहा है कि ये आरोप उन ताक़तों द्वारा लगाए जा रहे हैं जो अफ़ग़ानिस्तान की परिस्थिति को स्थिर बनाने की इच्छा नहीं रखतीं।

रूस के विदेश मन्त्रालय के प्रेस वक्तव्य में कहा गया है कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि उन ग़लतियों की तरफ़ से ध्यान हटाया जा सके, जो विदेशी सैन्य-बलों ने पिछले 16 साल में अफ़ग़ानिस्तान में की हैं।

रूस के विदेश मन्त्रालय ने कहा कि रूस ने अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवाद के ख़िलाफ़ किए गए सामूहिक संघर्ष में महत्वपूर्ण योग दिया है। ज़ोर दिया जाना चाहिए कि रूस ने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को हथियारों और गोला-बारूद से लैस करने तथा अफ़ग़ान सैन्य अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों को रूसी प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षित करने का ज़रूरी काम किया है।  

रूस के विदेश मन्त्रालय ने बताया कि अफ़ग़ानिस्तान में काम कर रहे रूसी नागरिकों की सहायता करने तथा अफ़ग़ान सरकार के नेतृत्व में अफ़ग़ानिस्तान में चल रही राष्ट्रीय सुलह की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तालिबान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ही तालिबान के साथ सम्पर्क बनाए गए थे। 

रूस के विदेश मन्त्रालय ने बताया कि रूस ने यह फ़ैसला किया है कि वह राष्ट्रीय सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और अफगानिस्तान की सरकार और तालिबान के बीच सीधी बातचीत शुरू करने के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करने हेतु एकीकृत क्षेत्रीय नज़रिया विकसित करने के लिए अपनी कोशिशें तेज़ कर देगा। 

रूस के विदेश मन्त्रालय ने कहा — दिसम्बर 2016 और फ़रवरी 2017 में इसी उद्देश्य से मस्क्वा (मास्को) में सम्मेलनों का आयोजन किया गया था, जिनमें  इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रारूप तय करने के सवाल पर विचार-विमर्श हुआ था। रूस के विदेश मन्त्रालय ने कहा — अफ़ग़ानिस्तान में चल रहे बन्धु-हत्या युद्ध को जल्दी से जल्दी ख़त्म करने तथा अफ़ग़ानिस्तान में सद्भाव और शान्ति की स्थापना करने के उद्देश्य से हम इस काम को आगे भी जारी रखने का इरादा रखते हैं।

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