भारत और रूस मिलकर हीरों का उत्पादन कर सकते हैं

17 मार्च 2017 आनुष्का सेठी
’भारत डायमण्ड बोर्स’ (भारत हीरा बाज़ार) की कम्पनियाँ इसके लिए बनाई जाने वाली सँयुक्त कम्पनी में 50 करोड़ डॉलर का निवेश कर सकती हैं।
Khabarovsk has never been involved in the diamond industry chain. Source: Press Photo
स्रोत :Press Photo

हीरों उद्योग के क्षेत्र में रूस और भारत के आपसी हितों को देखते हुए ’भारत डायमण्ड बोर्स’ (भारत हीरा बाज़ार) की कम्पनियाँ ने रूसी हीरा कम्पनी ’अलरोसा’ के सामने एक सँयुक्त कम्पनी बनाने का प्रस्ताव रखा है।

रूसी समाचारपत्र लेन्ता डॉट रू ने जानकारी दी है कि भारत डायमण्ड बोर्स के प्रबन्ध निदेशक अनूप मेहता ने 16 मार्च को मुम्बई में हुई मुलाक़ात में रूस के उप-प्रधानमंत्री व रूस के सुदूर पूर्व के इलाके के लिए रूस के राष्ट्रपति के दूत यूरी त्रूत्नेफ़ के सामने इस तरह का प्रस्ताव रखा है। 

अनूप मेहता ने कहा कि भारत को अपनी सबसे बड़ी हीरा खदान में हीरों की खुदाई करने के लिए रूसी अनुभव की ज़रूरत है। इस खदान में 3 करोड़ 40 लाख कैरेट हीरों का भण्डार है, जिनकी कीमत 3 अरब डॉलर बनती है।

भारत डायमण्ड बोर्स इस सँयुक्त कम्पनी में 50 करोड़ डॉलर का निवेश करने को तैयार है।
यूरी त्रूत्नेफ़ ने ’अलरोसा’ कम्पनी के साथ इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करने के लिए अनूप मेहता को रूस आने का निमन्त्रण दिया है।

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