रूस जल्दी से जल्दी ईरान को शंघाई सहयोग संगठन में शामिल करना चाहता है

28 मार्च को रूस के राष्ट्रपति व्लदीमिर पूतिन ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से मुलाकात की।
iran putin
रूस के राष्ट्रपति व्लदीमिर पूतिन और ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी। स्रोत :Kremlin.ru

रूस ईरान को शंघाई सहयोग संगठन (शंसस) से जोड़ने का समर्थन करता है और जल्दी से जल्दी उसे शंसस में शामिल करना चाहता है। कल मस्क्वा (मास्को) में रूस के राष्ट्रपति व्लदीमिर पूतिन ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ हुई बातचीत के बाद यह बात कही।

उन्होंने कहा कि रूस शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने की ईरान की इच्छा का समर्थन करता है और रूस यह चाहता है कि इस संगठन में ईरान को शामिल करने के सवाल पर जल्दी से जल्दी विचार किया जाए।

रूस और ईरान के राष्ट्रपतियों ने कहा कि न केवल शंघाई सहयोग संगठन के अन्तर्गत दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने की ज़रूरत है बल्कि विश्व के अन्य संगठनों के भीतर भी दोनों देशों को आपस में सहयोग करना चाहिए। इसके अलावा मध्य एशिया तथा कोहकाफ़ के इलाकों में स्थिरता और सुरक्षा पैदा करने के लिए रूस और ईरान को इन इलाकों में राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से परस्पर सहयोग का विकास करना चाहिए।

15 जून 2001 को शंघाई में शंघाई सहयोग संगठन  का निर्माण करने की घोषणा की गई थी। रूस, कज़ाख़स्तान, चीन, किर्गिज़िस्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान इस संगठन के संस्थापक सदस्य हैं। फिर 2015 में भारत और पाकिस्तान को भी शंसस का पूर्ण सदस्य बनाने का फ़ैसला किया गया। 2005 से ही ईरान शंसस की बैठकों में पर्यवेक्षक-देश के रूप में भाग ले रहा है। 

+
फ़ेसबुक पर पसंद करें