इसरो और रोसकोसमोस मिलकर अपने उपग्रहों का इस्तेमाल करेंगे

10 अप्रैल 2017 आनुष्का सेठी
रूस और भारत के अन्तरिक्ष संगठनों के बीच इस बात पर सहमति हो गई है कि दोनों संगठन मिलकर अपने प्रादेशिक नेविगेशन केन्द्रों को स्थापित करेंगे।
India space ISRO
रोसकोसमोस और इसरो के बीच हुई सहमति के अनुसार दोनों संगठन मिलकर अनुसन्धान करेंगे और अन्तरिक्ष का शान्तिपूर्ण उद्देश्यों से इस्तेमाल करेंगे। स्रोत : Zuma/Global Look Press

रूस के अन्तरिक्ष संगठन रोसकोसमोस और भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन इसरो के बीच इस बात पर आपसी सहमति हो गई है कि दोनों संगठन मिलकर ग्लोनास प्रणाली और भारतीय क्षेत्रीय उपग्रह प्रणाली के उपग्रहों का और इन उपग्रहों द्वारा इकट्ठी की जाने वाली जानकारियों का इस्तेमाल करेंगे। समाचार समिति स्पूतनिक ने अपनी वेबसाइट पर यह सूचना दी है। 

रोसकोसमोस के अन्तरराष्ट्रीय सहयोग के लिए ज़िम्मेदार उप-महानिदेशक सिर्गेय सवेलियफ़ ने स्पूतनिक को बताया कि दो देशों के अन्तरिक्ष संगठनों ने राष्ट्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणालियों के जमीनी स्टेशनों को मिलकर स्थापित करने से जुड़े एक सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

उन्होंने कहा — रोसकोसमोस और इसरो के बीच हुई सहमति के अनुसार दोनों संगठन मिलकर अनुसन्धान करेंगे और अन्तरिक्ष का शान्तिपूर्ण उद्देश्यों से इस्तेमाल करेंगे। इस सहमति-पत्र के अनुसार रूस और भारत उपग्रह दिशा सूचक (नेविगेशन) प्रणाली ग्लोनास और भारत की क्षेत्रीय उपग्रह दिशा-सूचक प्रणाली से सूचनाएँ जमा करने के लिए मिलकर भू-केन्द्रों की स्थापना करेंगे।

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