भारत में सक्रिय रूसी बैंक ’स्बेरबांक’ रूस से सीधे सोने का आयात करेगा

मुम्बई के एक अख़बार को इण्टरव्यू देते हुए ’स्बेरबांक इण्डिया’ बैंक के प्रमुख ने 13 अप्रैल को बताया कि उनका बैंक रूसी-भारतीय सँयुक्त परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश करेगा।
Gold
स्रोत :Global Look Press

रूसी बैंक ’स्बेरबांक’ की भारतीय शाखा ’स्बेरइन’ के प्रबन्ध निदेशक अलिक्सेय केच्को ने फ़्री प्रेस जर्नल को इण्टरव्यू देते हुए बताया कि अगर भारत रूस से सीधे सोने का आयात करेगा तो स्बेरबांक ऐसे सौदों में निवेश करेगा। 

अलिक्सेय केच्को ने अख़बार से कहा — हमारा ख़याल है कि हम हर साल डेढ़ अरब डॉलर का सोना भारत ला सकते हैं क्योंकि भारत सोने का बहुत बड़ा आयातक देश है। जबकि रूस सोने का एक बड़ा उत्पादक देश है। दुनिया में सोने के सबसे बड़े भण्डार रूस में ही हैं। भारत दूसरे देशों से दूसरी खदानों से निकले हुए सोने का आयात करता है, जो बिचौलियों को कमीशन देने की वजह से भारत को महँगा पड़ता है। 

केच्को ने कहा कि रूस और भारत के बीच सोने का सीधा व्यापार दोनों देशों के लिए फ़ायदेमन्द होगा। उन्होंने कहा — हमें उम्मीद है कि ऐसा पहला सौदा हम आगामी सितम्बर या अक्तूबर तक कर लेंगे। इसके अलावा हम सोना उधार देने की सम्भावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। 

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का आयातक देश है। सन् 2015 में भारत ने 35 अरब डॉलर के सोने का आयात किया था। लेकिन 2016 में भारत में कीमती धातुओं के आयात में कमी आई है।

भारत-रूस सँयुक्त परियोजनाओं में निवेश

फ़्री प्रेस जर्नल को इण्टरव्यू देते हुए 13 अप्रैल को अलिक्सेय केच्को ने कहा कि उनका बैंक भारत और रूस की सँयुक्त परियोजनाओं में ज़्यादा से ज़्यादा निवेश करना चाहता है।  

उन्होंने कहा — हम रूस और भारत में काम करने वाले व्यावसायिकों के बीच एक पसन्दीदा बैंक बनना चाहते हैं। 

केच्को ने बताया कि पूर्वी रूस में टाटा पॉवर की एक कोयला खदान परियोजना में स्बेरबांक 60 करोड़ डॉलर का निवेश कर रहा है।  

रूस के स्बेरबांक को 2010 में भारत में काम करने का लायसेंस मिला था। फिर 2013 से उसने भारत में ऋण देने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि 2016 में बैंक की लेनदारी 30 प्रतिशत बढ़ गई है। इसलिए अब हमने यह फ़ैसला किया है कि हम भारतीय-रूसी सँयुक्त परियोजनाओं में निवेश करेंगे।

 

+
फ़ेसबुक पर पसंद करें