रूसी अन्तरिक्ष यात्री 2031 में पहली बार चाँद पर उतरेंगे

रूस ने योजना बनाई है कि वह 2031 में अपने अन्तरिक्ष यात्रियों को चन्द्रमा पर उतारेगा। उसके बाद रूसी अन्तरिक्ष यात्री अक्सर चाँद पर आया-जाया करेंगे।
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स्रोत :Grigoriy Sisoev/RIA Novosti

मास्को में एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए रूसी रॉकेट अन्तरिक्ष संगठन ’एनेर्गिया’ के महानिदेशक व्लदीमिर सोन्त्सिफ़ ने बताया कि वे 2031 में रूसी अन्तरिक्ष यात्रियों को चाँद पर भेजने की योजना बना रहे हैं।

उन्होंने बताया — सन् 2025 के बाद हम चाँद की ओर अन्तरिक्ष यान भेजना शुरू कर देंगे। पहले 2026 में बिना किसी अन्तरिक्ष यात्री के सिर्फ़ अन्तरिक्ष यान ही चाँद के चारों ओर चक्कर लगाएगा। फिर 2027 में हम अन्तरिक्ष में चन्द्रमा की परिधि पर एक अन्तरिक्ष-स्टेशन स्थापित कर देंगे, जहाँ पर अन्तरिक्ष-यात्री उतर सकेंगे और जहाँ से वे उड़ान भी भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि चाँद पर उतरने वाला अन्तरिक्ष-यान स्वचालित ढंग से चन्द्रमा पर उतर जाएगा।

व्लदीमिर सोन्त्सिफ़ ने आगे बताया — 2029 में पहले एक नई क़िस्म का अन्तरिक्ष यान बिना किसी अन्तरिक्ष यात्री के चाँद पर उतरेगा। सन् 2030 के दशक में हमने चाँद पर अन्तरिक्ष यात्रियों को उतारने की योजना बना रखी है। इस तरह 2031 में ही चाँद पर पहले रूसी अन्तरिक्ष यात्री पहुँच जाएँगे।

सहयोगी उद्देश्य

रूसी रॉकेट-अन्तरिक्ष संगठन ’एनेर्गिया’ के महानिदेशक व्लदीमिर सोन्त्सिफ़ ने बताया कि रूस ने चाँद पर उतरने के लिए नए क़िस्म के अन्तरिक्ष यान को तैयार करने का बीड़ा उठाया है और वह यूरोप और अमरीका के वैज्ञानिकों को भी इस काम में हाथ बँटाने के लिए आमन्त्रित कर रहा है।

उन्होंने बताया — चाँद पर उतरने और वहाँ से उड़ान भरने के लिए जो नया अन्तरिक्ष यान बनाया जाएगा, वह एकदम नई क़िस्म का अन्तरिक्ष यान होगा। मेरा ख़याल है कि यह अन्तरिक्ष यान हम यूरोपीय और अमरीकी अन्तरिक्ष वैज्ञानिकों के साथ मिलकर तैयार करेंगे। हम दुनिया के सभी देशों के वैज्ञानिकों को अपने इस चन्द्र-कार्यक्रम में हिस्सा लेने और नई क़िस्म की तकनीक का निर्माण करने के लिए आमन्त्रित कर रहे हैं।

चन्द्रमा पर मानव की उतराई की योजना

’तास’ समाचार समिति के अनुसार, केन्द्रीय वैज्ञानिक अनुसन्धान इंजीनियरिंग संस्थान के वैज्ञानिकों ने बताया है कि रूस ने चन्द्रमा पर मानव की उतराई की जो योजना बनाई है, उसमें यह तय किया गया है कि अन्तरिक्ष-यात्री चन्द्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएँगे और उसके बाद चन्द्रमा पर उतरेंगे। इसके बाद यह अन्तरिक्ष यान इन अन्तरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी और चन्द्रमा की गुरुत्वाकर्षण से मुक्त अन्तरिक्ष में वापिस लेकर आएगा।

अन्तरिक्ष यात्रियों को चाँद पर उतारने के लिए जो नया विशेष अन्तरिक्ष यान बनाया जा रहा है, उसका नाम ’फ़िदिरात्सिया’ (फ़ेडरेशन) रखा गया है। इस अन्तरिक्ष यान का पहला मॉडल 2020 तक बना लिया जाएगा और 2021 में उसे बिना अन्तरिक्ष यात्रियों के अन्तरिक्ष में उड़ाकर देखा जाएगा। अन्तरिक्ष-यात्रियों के साथ यह नया अन्तरिक्ष यान सन् 2023 के अन्त में पहली उड़ान भरेगा। रूस के केन्द्रीय वैज्ञानिक अनुसन्धान इंजीनियरिंग संस्थानके वैज्ञानिकों का कहना है कि सन् 2025 से ’फ़िदिरात्सिया’ नामक यह नया अन्तरिक्ष यान हर साल एक-दो  उड़ानें भरा करेगा और चन्द्रमा के चक्कर लगाया करेगा।

रूसी रॉकेट-अन्तरिक्ष संगठन ’एनेर्गिया’ ने इसके अलावा ’रिवोक’ (छलांग) नामक एक और अन्तरिक्ष यान का निर्माण करने की योजना भी बना रखी है। यह अन्तरिक्ष यान अन्तरिक्ष में बने अन्तरिक्ष स्टेशन पर तैनात रहेगा और वहाँ से अन्तरिक्ष यात्रियों को और मालों को चाँद पर लाया - ले जाया करेगा। इस तरह अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन में काम करने वाले अन्तरिक्ष यात्री भी समय-समय पर चाँद की यात्रा कर सकेंगे।

अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन की कार्यावधि

रूसी रॉकेट-अन्तरिक्ष संगठन ’एनेर्गिया’ के महानिदेशक व्लदीमिर सोन्त्सिफ़ ने बताया कि अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन परियोजना के सहयोगी देशों के साथ आजकल रूसी अन्तरिक्ष वैज्ञानिक इस सवाल पर विचार-विमर्श कर रहे हैं कि अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन की कार्यावधि को बढ़ाकर सन् 2028 तक कर दिया जाए।

उन्होंने बताया — हमारे बीच हुए समझौते के अनुसार, यह अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन सन् 2024 तक काम करेगा। अब सवाल यह पैदा हो रहा है कि उसके बाद क्या होगा? हो सकता कि हम अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन की कार्यावधि बढ़ाने पर सहमत हो जाएँ। फ़िलहाल हम उसकी
कार्यावधि  बढ़ाकर सन् 2028 तक करना चाहते हैं।

इससे पहले यह जानकारी मिली थी कि अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन की कार्यावधि बढ़ाकर सन् 2024 तक कर दी गई है। लेकिन रूस, अमरीका, कनाडा, जापान और यूरोपीय अन्तरिक्ष संगठन आजकल इस बात पर भी विचार कर रहे हैं कि वे अपने अपने दीर्घकालीन बजट में इसके लिए अनुदान सुनिश्चित करें। अमरीकी अन्तरिक्ष संगठन नासा के निदेशक चार्ल्ज़ बोल्डेन ने कहा है कि अन्तरिक्ष में सक्रिय अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन सन् 2028 तक आगे भी काम कर सकता है।

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