गरिमा से हारना भी आना चाहिए : पूतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लदीमिर पूतिन ने रूसी मीडिया और दुनिया भर के मीडिया के लिए हर वर्ष आयोजित किए जाने वाले पत्रकार सम्मेलन में इस साल भी पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए।
 Russian President Vladimir Putin
शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति ने दुनिया भर के पत्रकारों से एक पत्रकार सम्मेलन में बात की। स्रोत :Reuters

हथियारबन्दी की दौड़ के बारे में

— अमरीका ने यह कहना शुरू कर दिया है कि वह दुनिया का सबसे ताक़तवर देश है। हाँ, यह ठीक है और हम इस बात का विरोध नहीं करते। हम तो सिर्फ़ इतना कहते हैं कि हम किसी भी सम्भावित हमलावर से कहीं अधिक ताक़तवर हैं। बस, यही हमारा मानना है।

— अभी हाल तक अमरीकी विशेषज्ञ हमारे परमाणविक कारख़ानों में बैठे हुए थे और वे ये देखा करते थे कि हम हथियार कैसे बनाते हैं। कोई इस बात को भुला तो नहीं है? .... लेकिन बाद में अमरीका ने मिसाइल प्रतिरक्षा सन्धि को भंग कर दिया। हमने तो यह सोचा भी नहीं था, लेकिन अब हमें इस चुनौती का भी सामना करना है।

— रूस पक्की तौर पर और पूरी तरह से परमाणु ताक़त के बारे में सभी अन्तरराष्ट्रीय सन्धियों का पालन कर रहा है। यहाँ तक कि रूस स्टार्ट-3 सन्धि का भी पूरी तरह से पालन कर रहा है। 

2018 में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के बारे में

— मध्यावधि चुनाव कराए जा सकते हैं।  ऐसा करना उचित नहीं होगा।

— समय आएगा, और मैं देखूँगा कि देश में और दुनिया में क्या हो रहा है। और यह देखने के बाद कि अब तक हम क्या कर चुके हैं और हम आगे क्या कर सकते हैं। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि मैं राष्ट्रपति पद के लिए रूस में होने वाले अगले चुनावों में हिस्सा लूँगा या नहीं।

अमरीका में हुए चुनावों और डेमोक्रेटिक पार्टी के बारे में

— अमरीकी नेता अपनी सभी समस्याओं के लिए विदेशी कारणों को दोषी ठहराने की कोशिश करते हैं। इस बारे में मेरे अपने विचार हैं। अमरीका की डेमोक्रेटिक पार्टी न केवल वहाँ हुए राष्ट्रपति चुनावों में हार गई, बल्कि वह सीनेट और काँग्रेस के लिए कराए गए चुनावों में भी पिछड़ गई है। अमरीकी संसद के दोनों ही सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। क्या संसद के इन सदनों के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की हार के लिए भी हम ही ज़िम्मेदार हैं? दरअसल उनके यहाँ सारी समस्याएँ व्यवस्था से जुड़ी हैं। गरिमा के साथ हारना भी आना चाहिए।

— डेमोक्रेटिक पार्टी शायद अपने नाम का मतलब भूल गई है। तभी तो उसने चुनावों में सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया। और तभी उसने मतदाताओं के प्रतिनिधियों से यह अनुरोध करना शुरू कर दिया कि वे मतदाताओं के आदेश के अनुसार मतदान न करें। कितनी बुरी बात है।

— अमरीकी मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा रूस के राष्ट्रपति का समर्थन करता है। मैं इसे अपना निजी समर्थन नहीं मानता हूँ। .... लेकिन इसका मतलब यह है कि अमरीकी जनता के एक बड़े हिस्से की दुनिया की कल्पना पारम्परिक रूसी मूल्यों से मिलती-जुलती है। रीगन होते तो ख़ुश हो जाते कि रिपब्लिकन पार्टी जीत रही है। डोनाल्ड ट्रम्प भी ख़ुश हुए होंगे। हालाँकि हमारे और आपके अलावा किसी को यह विश्वास नहीं था कि इन चुनावों में ट्रम्प की जीत होगी। हाँ, प्रमुख डेमोक्रेट नेता अपने ताबूत में ज़रूर करवटें बदल रहे होंगे। सही कह रहा हूँ।

रूसी-तुर्की रिश्ते और रूसी राजदूत की हत्या

— निश्चय ही यह रूस पर किया गया और रूसी-तुर्की रिश्तों पर किया गया घातक हमला है। सच-सच कहूँ तो अभी तक मुझे इस बात में सन्देह था कि साल भर पहले तुर्की की वायुसेना के विमानों ने रूसी बमवर्षक विमान को तुर्की के नेताओं से सीधा आदेश मिले बिना ही गिरा दिया होगा। लेकिन अब मैं अपने विचार बदलना शुरू कर रहा हूँ। अब मुझे लग रहा है कि सब कुछ हो सकता है। अराजक तत्व तुर्की की सेना में घुस आए हैं और वे गहरी अराजकता फैला रहे हैं।

साइबर हमलों के अमरीकी आरोप

— हारने वाला पक्ष हमेशा अपनी हार के कारण कहीं और ढूँढ़ने की कोशिश करता है। बेहतर हो कि अपने भीतर की समस्याओं को देखा जाए। किन्हीं हैकरों ने अमरीकी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के ईमेल खातों में सेंध लगाई। और जैसाकि अमरीका के नए चुने गए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा — यह कौन जानता है कि वे हैकर कौन थे? हो सकता है कि वे रूसी हैकर नहीं हों और कहीं किसी दूसरे देश में हैकर सोफ़े पर लेटकर अपना काम कर रहे हों।

अन्तरराष्ट्रीय डोपिंग एजेंसी वाडा और डोपिंग हंगामा

— रूसी डोपिंग रोधी एजेन्सी के पूर्व प्रमुख का नाम मुझे ठीक-ठीक याद नहीं है। उनका नाम शायद ग्रीगोरी रोदचिन्कफ़ है। उन्होंने ही अन्तरराष्ट्रीय डोपिंग एजेंसी वाडा के लिए मुख़बिरी की है। रोदचिन्कफ़ पहले कनाडा में काम करते थे। फिर रूस में उन्हें इस उच्च पद पर नियुक्त कर दिया गया। उसके बाद वे कनाडा से हर तरह के डोपिंग-पदार्थ (ताक़तवर दवाइयाँ) रूस लाने लगे। उन्होंने इस काम को अपना व्यापार बना लिया था और रूसी खिलाड़ियों को ये डोपिंग लेने पर मजबूर करते थे। जो उन्हें लेने से इंकार करता था, जैसे हमारे तैराकों ने ऐसा किया... तो उन्हें प्रतिबन्धों का सामना करना पड़ा। 

— मुझे इसका कोई अधिकार नहीं है कि मैं अन्तरराष्ट्रीय डोपिंग एजेंसी वाडा की गतिविधियों का मूल्यांकन करूँ। यह काम तो अन्तरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति को करना चाहिए। लेकिन मैं मानता हूँ कि वाडा की गतिविधियाँ पारदर्शी होनी चाहिए। सबको यह पता होना चाहिए कि किसकी जाँच की जा रही है, उस जाँच के क्या परिणाम निकल रहे हैं और फिर जाँच के बाद क्या क़दम उठाए जा रहे हैं। वाडा क्या है? क्या कोई रक्षा संगठन है? अगर नहीं, तो उसकी सारी गतिविधियाँ गुप्त क्यों हैं? बस, यही बात हमारी समझ के बाहर है।

+
फ़ेसबुक पर पसंद करें