रूस में आतंकवादी हमले बढ़ते जा रहे हैं

7 अप्रैल 2017 अलेग येगोरफ़
विगत 3 अप्रैल को एक आत्मघाती आतंकवादी ने रूस के साँक्त पितेरबुर्ग (सेण्ट पीटर्सबर्ग) नगर की मैट्रो में एक धमाका किया, जिसमें 14 आदमियों की मौत हो गई। पिछले दौर में रूस में की गई यह कोई अकेली आतंकवादी कार्रवाई नहीं है। रूस के दक्षिणी इलाकों में आतंकवादी गतिविधियाँ काफ़ी बढ़ गई हैं। आस्त्रख़न में आतंकवादियों ने दो पुलिसवालों की हत्या कर दी। रस्तोफ़ ना दनू नामक शहर में एक स्कूल के पास बड़ा धमाका हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि शायद आतंकवादी यह मानते हैं कि इस तरह की कार्रवाइयाँ करके वे रूस द्वारा सीरिया में चलाए जा रहे आतंकवाद विरोधी सैन्य अभियान का बदला ले रहे हैं।
Rostov-on-Don
6 अप्रैल को रस्तोफ़ ना दनू नामक शहर में एक स्कूल के पास बड़ा धमाका हुआ। स्रोत :ZUMA/Global Look Press

3 से 4 अप्रैल की रात को साँक्त पितेरबुर्ग (सेण्ट पीटर्सबर्ग) की मैट्रो में धमाका होने के कुछ ही घण्टे बाद मस्क्वा (मास्को) से 1271 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में बसे आस्त्रख़न नगर में ट्रैफ़िक पुलिस के दो इंसपैक्टर एक सड़क दुर्घटना की जाँच करने के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुँचे। वे अपनी कार में बैठकर दुर्घटना की रपट तैयार कर रहे थे, तभी दुर्घटनाग्रस्त हुई एक कार की दो सवारियाँ उनकी कार के पास आईं और उन्होंने कार के बन्द शीशों के पीछे से गोली चलाकर उन्हें मार डाला। जब तक उन्हें कोई चिकित्सा सहायता मिल पाती ट्रैफ़िक पुलिस के दोनों इंसपैक्टर मर चुके थे और हमलावर उनके हथियार लेकर वहाँ से फ़रार हो चुके थे।

दक्षिणी रूस में आतंकवादी सक्रियता

आस्त्रख़न प्रदेश के राज्यपाल अलिक्सान्दर झीलकिन ने बताया कि ट्रैफ़िक इंसपैक्टरों पर हमला कट्टरपन्थी इस्लामी आतंकवादियों के गुट ने किया है। दो दिन बाद ही 5 से 6 अप्रैल की रात को इन आतंकवादियों को जब रूस की राष्ट्रीय गारद के एक दस्ते ने कार के काग़ज़ों की जाँच करने के लिए रोका तो उन्होंने गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं। राष्ट्रीय गारद रूस में गठित नया सुरक्षा बल है, जिसके पास पुलिस के सभी अधिकारों के अलावा बहुत से विशेषाधिकार भी है। आतंकवादियों की गोलियों से राष्ट्रीय गारद के कुछ जवान घायल हो गए और आतंकवादी फिर से फ़रार हो गए। लेकिन उसी रात सुबह तक राष्ट्रीय गारद के जवानों ने उन्हें फिर ढूँढ़ निकाला और विशेष कार्रवाई करके चार आतंकवादियों का सफ़ाया कर दिया और दो को हिरासत में ले लिया।

रूस के अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, राष्ट्रीय गारद के दस्ते पर भी उन्हीं आतंकवादियों ने हमला किया था, जिन्होंने दो दिन पहले आस्त्रख़न में ट्रैफ़िक पुलिस के दो इंसपैक्टरों को मौत की नींद सुला दिया था। रूस के जाँच आयोग का कहना है कि एक आतंकवादी के पास से एक ऐसा ऑडियो कैसेट मिला है, जिसमें आतंकवादी अपने उग्रवादी विचारों की वकालत कर रहा है और दूसरे लोगों से भी आतंकवादी हमले करने की अपील कर रहा है। बाद में इन आतंकवादी हमलों की ज़िम्मेदारी भी आतंकवादी गिरोह ’इस्लामी राज्य’ (आईएस) ने अपने ऊपर ले ली। 

रस्तोफ़ और पितेरबुर्ग में हुए धमाके

मस्क्वा से 959 किलोमीटर दक्षिण में रूस के एक दूसरे नगर रस्तोफ़ ना दनू में एक अज्ञात हमलावर ने 6 अप्रैल को सुबह तड़के शहर के केन्द्र में बने एक स्कूल के पास एक पैकेट लाकर रखा और तुरन्त वहाँ से गायब हो गया। बाद में सीसीटीवी कैमरे को देखकर मालूम हुआ कि पैकेट रखने वाला आदमी काले कपड़े पहने हुए था और पैकेट रखने के बाद जल्दी से वहाँ से भाग गया। थोड़ी देर बाद ही स्कूल का सफ़ाई कर्मचारी वहाँ से गुज़रा। उसने वह पैकेट उठा लिया और पैकेट को खोलते ही भयानक धमाका हुआ। 

सफ़ाई कर्मचारी का एक हाथ और उसके दूसरे हाथ की कुछ उँगलियाँ शरीर से कटकर गिर पड़ीं। अब वह घायल कर्मचारी अस्पताल में है और उसकी हालत नाज़ुक है। इस तरह टार्च के रूप में छुपाकर स्कूल के पास एक बम रखा गया था।

साँक्त पितेरबुर्ग में भी विभिन्न संस्थाओं को लगातार इस तरह के फ़ोन आ रहे हैं कि उनकी इमारत में बम लगा हुआ है। शहर में हड़बोंग मचा हुआ है। 6 अप्रैल को मैट्रो में धमाका होने के बाद तीसरे दिन पूर्वी साँक्त पितेरबुर्ग में एक फ़्लैट में एक बम मिला। विस्फोटक विशेषज्ञों ने उसे नाकाम कर दिया। मीडिया की जानकारी के अनुसार, उन लोगों का नहीं था, जो फ़्लैट में रह रहे थे। 
हो क्या रहा है? 

आतंकरोधी विभाग के पूर्व कर्मियों के संगठन ’आल्फ़ा’ के अध्यक्ष सिर्गेय गन्चारफ़ ने रूस-भारत संवाद से बातचीत करते हुए कहा — आज जो स्थिति दिखाई दे रही है, उसे हम आम अपराध की श्रेणी में नहीं रख सकते। काफ़ी लम्बे समय से रूस में ऐसी हालत पैदा नहीं हुई थी। उन्होंने याद दिलाया कि पितेरबुर्ग की मैट्रो में धमाका होने से एक हफ़्ते पहले 24 मार्च को आतंकवादियों ने चेचनिया में राष्ट्रीय गारद के एक दस्ते पर हमला किया था और छह जवानों की हत्या कर दी थी। इसके बाद पितेरबुर्ग में धमाका हुआ और फिर आस्त्रख़न में पुलिस पर हमला किया गया।

सिर्गेय गन्चारफ़ ने कहा — यह साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा है कि भूमिगत आतंकवादी बहुत ज़्यादा सक्रिय हो गए हैं। शायद सीरिया में अपनी हार का बदला लेने के लिए आतंकवादी गिरोह ’इस्लामी राज्य’ (आईएस) ने रूस में आतंकवादी गतिविधियाँ बढ़ा दी हैं। पश्चिमी एशिया अध्ययन संस्थान के अध्यक्ष येव्गेनी सतानोवस्की गन्चारफ़ की बातों से पूरी तरह से सहमत हैं। रूस-भारत संवाद से बात करते हुए उन्होंने कहा — वास्तव में कट्टरपन्थी इस्लामी तत्वों की सक्रियता बहुत बढ़ गई है। न सिर्फ़ उनकी गतिविधियाँ बढ़ गई हैं, बल्कि उन्होंने अपनी रणनीति भी बदल दी है। अब वे दो-तीन आदमियों के छोटे-छोटे गुटों में या अकेले आदमी के रूप में हमले करते हैं। सतानोवस्की का मानना है कि यह रणनीति काफ़ी प्रभावशाली है। हमलावर समूह जितना छोटा होगा, उनके पकड़े जाने की संभावना उतनी ही कम होगी। 

सिर्गेय गन्चारफ़ का मानना है कि अब वे आतंकवादी हमले कर रहे हैं, जो अभी तक शान्त बैठे हुए थे और छुपे हुए थे। या तो ये वो रूसी नागरिक हैं जो सीरिया और ईराक से आतंकवादी कार्रवाइयों में भाग लेकर वापिस लौटे हैं, जहाँ आतंकवादियों की हार हो रही है या फिर ये मध्य एशियाई देशों के नागरिक हैं। पहले ये लोग यूरोप से बदला ले रहे थे, अब इन्होंने रूस में भी अपने पैर पसार लिए हैं।

 

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